श अक्षर से शुरू होने वाले गाने अंताक्षरी की महफ़िल में दिखाएँ अपनी ‘शान’!
श से शुरू होने वाले गाने- अंताक्षरी का खेल चल रहा हो और आपकी बारी ‘श’ (Sh) अक्षर पर आ जाए, तो समझ लीजिए कि आपके पास जीतने का सबसे सुनहरा मौका है। ‘श’ एक ऐसा अक्षर है जिससे हिंदी सिनेमा में प्यार, मस्ती और शायरी के सबसे खूबसूरत गाने बने हैं। पुराने दौर के रूहानी नग़मों से लेकर आज के दौर के धमाकेदार पार्टी हिट्स तक, ‘श’ अक्षर के पास हर मूड के लिए एक गाना मौजूद है।

इस पोस्ट में हमने खास आपके लिए ‘श’ से शुरू होने वाले सुपरहिट गानों की एक ऐसी लिस्ट तैयार की है, जो आपको खेल का असली खिलाड़ी बना देगी। चाहे आप दोस्तों के साथ महफ़िल जमाए हों या फैमिली गेट-टुगेदर में मस्ती कर रहे हों, ये गाने आपकी जीत पक्की कर देंगे।
इस पोस्ट में क्या खास मिलेगा?
- सदाबहार पुराने नगमे: जिन्हें सुनकर महफ़िल में पुरानी यादों की मिठास भर जाएगी।
- लेटेस्ट और सुपरहिट गाने: जो आज के दौर की अंताक्षरी के लिए बिलकुल परफेक्ट हैं।
- मज़ेदार पार्टी और डांस नंबर: जिनसे खेल का माहौल एकदम जोश भरा हो जाएगा।
- शायराना अंदाज़ वाले गीत: जो अंताक्षरी की शाम को और भी हसीन बना देंगे।
अब जब भी आपकी बारी ‘श’ पर आए, तो घबराना कैसा? बस इस लिस्ट को खोलिए, अपना पसंदीदा गाना छेड़िए और महफ़िल लूट लीजिए। यकीन मानिए, आपकी गानों की यह रेंज देखकर विपक्षी टीम बस तालियाँ बजाती रह जाएगी!
| S.No | Song Line | Movie/Album |
|---|---|---|
| 1 | शायद मेरी शादी का ख्याल दिल में आया है इसीलिए मम्मी ने मेरी तुम्हें चाय पे बुलाया है | सौतन |
| 2 | शीला की जवानी आई हेट लuv स्टोरीज | तीस मार खान |
| 3 | शाम गुलाबी शहर गुलाबी पहर गुलाबी है गुलाबी ये शहर | शुद्ध देसी रोमांस |
| 4 | शायद कभी ना कह सकूँ मैं तुमको कहे बिना समझ लो तुम शायद | लव आज कल (2020) |
| 5 | शर्बती आँखें जो देखीं तुम्हारी दीवाना हो गया मैं ओ दिलरुबा | गैर फिल्म |
| 6 | शिर्डी वाले साईं बाबा आया है तेरे दर पे सवाली | अमर अकबर एंथनी |
| 7 | शिकायतें मिटाने की कोशिश करेंगे हम और तुम मिलके | गैर फिल्म |
| 8 | शराब पिलाते पिलाते कहीं साकी खुद न पी जाए | गैर फिल्म |
| 9 | शहनाई बजेगी खुशियाँ मनाएंगे आज की रात | गैर फिल्म |
| 10 | शक्ल से तो तुम मासूम लगते हो मगर अंदर से बड़े कातिल हो | गैर फिल्म |
| 11 | शायद ही दुनिया में कोई ऐसा होगा जिसे तुमसे प्यार न होगा | गैर फिल्म |
| 12 | शम्मा जलेगी तो परवाना आएगा ही आज की महफ़िल में | गैर फिल्म |
| 13 | शाम सुहानी आई है और याद तुम्हारी लाई है | गैर फिल्म |
| 14 | शर्त लगी थी प्यार की और हम हार गए | गैर फिल्म |
| 15 | शहद से मीठी बातें तुम्हारी और ज़हर सा तुम्हारा गुस्सा | गैर फिल्म |
| 16 | शायर हूँ मैं कवि तो नहीं मगर कविता लिखता हूँ तुम्हारे लिए | गैर फिल्म |
| 17 | शान से जिएंगे हम और शान से मरेंगे | गैर फिल्म |
| 18 | शरमाना छोड़ो और पास आ जाओ ओ मेरी जान | गैर फिल्म |
| 19 | शब्द कम पड़ जाते हैं तुम्हारी तारीफ में | गैर फिल्म |
| 20 | शबनम की बूँदें गिर रही हैं फूलों पर जैसे मोती | गैर फिल्म |
| 21 | शरारत भरी आँखें तुम्हारी पागल कर गई हमें | गैर फिल्म |
| 22 | शायद तुम हमें याद करोगे जब हम नहीं होंगे | गैर फिल्म |
| 23 | शरीफों की बस्ती में आशिक़ कहाँ से आ गए | गैर फिल्म |
| 24 | शाम ढले खिड़की तले तुम याद आते हो | गैर फिल्म |
| 25 | शफ़क़ की लाली छाई है गगन में देखो | गैर फिल्म |
| 26 | शायद यही है ज़िंदगी का असली सफर | गैर फिल्म |
| 27 | शमशेर है तू और मैं तेरी ढाल हूँ | गैर फिल्म |
| 28 | शहर की गलियों में आवारा चाँद भटकता है | गैर फिल्म |
| 29 | शराब बुरी चीज़ है ये सब कहते हैं मगर पीते हैं | गैर फिल्म |
| 30 | शांति की तलाश में हम पहाड़ों पर चले गए | गैर फिल्म |
| 31 | शानदार महफ़िल है और साकी का साथ है | गैर फिल्म |
| 32 | शहज़ादा आ गया देखो अपनी शहज़ादी के लिए | गैर फिल्म |
| 33 | शरबत का प्याला पिला दे ओ गोरी | गैर फिल्म |
| 34 | शायद मोहब्बत इसी का नाम है | गैर फिल्म |
| 35 | शम्मा परवाने का जलना तो पुरानी रीत है | गैर फिल्म |
| 36 | शाम का मंजर बड़ा ही हसीन है आज | गैर फिल्म |
| 37 | शराबी हूँ मैं और ये सारा जहाँ मयखाना है | गैर फिल्म |
| 38 | शरीर तो यहाँ है मगर रूह तुम्हारे पास है | गैर फिल्म |
| 39 | शहद जैसी मीठी मुस्कान तुम्हारी | गैर फिल्म |
| 40 | शायद फिर इस जन्म में मुलाक़ात हो न हो | वो कौन थी (लग जा गले का अंश) |
| 41 | शक्ल देख कर ही पता चल जाता है दिल का हाल | गैर फिल्म |
| 42 | शबा-खैर ओ जाने वाले कल फिर मिलेंगे हम | गैर फिल्म |
| 43 | शमा-ए-महफ़िल रोशन है और हम तन्हा हैं | गैर फिल्म |
| 44 | शरमा के झुक गई वो निगाहें पहली मुलाकात में | गैर फिल्म |
| 45 | शायद कोई तो रास्ता होगा मंज़िल तक जाने का | गैर फिल्म |
| 46 | शहंशाह हूँ मैं अपने दिल की दुनिया का | गैर फिल्म |
| 47 | शहर की चकाचौंध में अपना घर भूल गए | गैर फिल्म |
| 48 | शरारती है ये दिल और आवारा है ये धड़कन | गैर फिल्म |
| 49 | शाम की तन्हाई में तेरी यादें सताती हैं | गैर फिल्म |
| 50 | शायद खुदा को यही मंज़ूर था | गैर फिल्म |
| 51 | शर्त लगा लो मुझसे कि मैं तुम्हें न भूलूँगा | गैर फिल्म |
| 52 | शबनम जैसा कोमल है बदन तुम्हारा | गैर फिल्म |
| 53 | शायद इसी को प्यार कहते हैं मेरे दोस्त | गैर फिल्म |
| 54 | शाम-ए-गज़ल की रात है और तुम पास हो | गैर फिल्म |
| 55 | शराब के नशे में हम सच बोल देते हैं | गैर फिल्म |
| 56 | शहनाई की आवाज़ गूँज रही है गाँव में | गैर फिल्म |
| 57 | शरमाता क्यूँ है तू ऐ मेरे दिल | गैर फिल्म |
| 58 | शायद वो पल फिर लौट आएँ | गैर फिल्म |
| 59 | शमशान की खामोशी डराती है रातों को | गैर फिल्म |
| 60 | शानदार है ये जोड़ी हमारी और तुम्हारी | गैर फिल्म |
| 61 | शाम-ए-गम की कसम तुम याद आते हो | गैर फिल्म |
| 62 | शरबत की बोतल है तू और मैं प्यासा हूँ | गैर फिल्म |
| 63 | शायद ही कभी मैंने तुम्हें दिल से निकाला हो | गैर फिल्म |
| 64 | शम्मा जलती है तो उजाला होता है | गैर फिल्म |
| 65 | शहर तेरा और यादें मेरी | गैर फिल्म |
| 66 | शरारत करने दो आज हमें भी | गैर फिल्म |
| 67 | शायद तुम्हारी आँखों में मेरा घर है | गैर फिल्म |
| 68 | शाम की ठंडी हवा ने मन को छू लिया | गैर फिल्म |
| 69 | शराब के प्याले में डूबी है ज़िंदगी | गैर फिल्म |
| 70 | शहद की मक्खी की तरह मँडराता हूँ मैं | गैर फिल्म |
| 71 | शायद तुम मेरे ही हो | गैर फिल्म |
| 72 | शम्मा और परवाना जल गए प्यार में | गैर फिल्म |
| 73 | शाम को मिलना वादा रहा तुमसे | गैर फिल्म |
| 74 | शरीफ बनकर बहुत देख लिया अब बदमाशी करेंगे | गैर फिल्म |
| 75 | शायद फिर कभी हम न मिलें | गैर फिल्म |
| 76 | शक्ल से आशिक़ लगते हो तुम | गैर फिल्म |
| 77 | शाम-ए-तन्हाई में बस तेरी याद | गैर फिल्म |
| 78 | शहनाई बज रही है दिल के कोनों में | गैर फिल्म |
| 79 | शरमाना तेरी अदा है और मार डालना मेरा काम | गैर फिल्म |
| 80 | शायद कोई सपना है ये हकीकत नहीं | गैर फिल्म |
| 81 | शबनम की बूँदें और सावन का महीना | गैर फिल्म |
| 82 | शायद-शायद करते-करते उम्र गुज़र गई | गैर फिल्म |
| 83 | शाम ढले जब घर आऊं तो तुम मिलो | गैर फिल्म |
| 84 | शराब ने हमें कहीं का न छोड़ा | गैर फिल्म |
| 85 | शमशेर की धार से तेज है तुम्हारी नज़र | गैर फिल्म |
| 86 | शायद इसी को कहते हैं दीवानापन | गैर फिल्म |
| 87 | शहर की भीड़ में खो गए हम दोनों | गैर फिल्म |
| 88 | शरमा के ओढ़ लिया तुमने ये आंचल | गैर फिल्म |
| 89 | शाम-ए-बहारां है और दिल बेकरार है | गैर फिल्म |
| 90 | शायद ही कोई समझे मेरे दिल का दर्द | गैर फिल्म |
| 91 | शम्मा की लौ की तरह कांप रहा हूँ मैं | गैर फिल्म |
| 92 | शहनाई वाले भाई ज़रा तेज बजाओ | गैर फिल्म |
| 93 | शरारत भरी ये रात और तेरा साथ | गैर फिल्म |
| 94 | शायद ये आखिरी मुलाकात हो हमारी | गैर फिल्म |
| 95 | शाम की परछाई लम्बी होने लगी है | गैर फिल्म |
| 96 | शराब का नशा और तुम्हारा प्यार | गैर फिल्म |
| 97 | शबनमी ये रात है और हम जवां हैं | गैर फिल्म |
| 98 | शायद तुमने भी मुझे याद किया होगा | गैर फिल्म |
| 99 | शहज़ादी हो तुम मेरे सपनों के महल की | गैर फिल्म |
| 100 | शाम को जब सूरज ढलता है तो घर याद आता है | गैर फिल्म |